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चारधाम ऑल वेदर रोड परियोजना के अंतर्गत यमुनोत्री राजमार्ग पर निर्माणाधीन सिलक्यारा सुरंग में भूस्खलन के बाद 72घंटे से फंसे सभी 40 श्रमिक सुरक्षित हैं। इन श्रमिकों को बाहर निकालने के लिए चल रहे खोज बचाव अभियान में कई तरह की बाधाएं उत्पन्न हो रही है। पहले कैविटी वाले क्षेत्र से लगातार गिरा और मलबे ने राह रोकी।
मंगलवार की रात ऑगर ड्रिलिंग मशीन से एस्केप टनल तैयार करने का काम शुरू हुआ। मशीन के जरिये मलबे के बीच करीब तीन मीटर पाइप भी डाला गया।अचानक मशीन में तकनीकी खराबी आ गई। भले ही यह बताया जा रहा है कि मशीन के कुछ कलपुर्जे टूट गए हैं। रात्रि ड्यूटी इंचार्ज इंजीनियर अमन बिष्ट ने कहा कि रात के समय जब ऑगर ड्रिलिंग मशीन का संचालन शुरू हुआ तो मशीन में कुछ तकनीकी खराबी आ गई। अब दूसरी ऑगर ड्रिलिंग मशीन बनाई जा रही है।
उत्तराखंड के डीजी आईपीएस अशोक कुमार ने भी जानकारी देते हुये कहा कि
उत्तरकाशी, सिलक्यारा टनल में राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है। ऑगर ड्रिलिंग मशीन से ड्रिलिंग का कार्य किया जा रहा है। प्राकृतिक बाधाओं के कारण ड्रिलिंग की गति धीमी है। केंद्रीय एजेंसियों द्वारा आज वायु सेना की मदद से हैवी ऑगर ड्रिलिंग मशीन लाने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे बचाव कार्य में तेजी आएगी। हम सभी लोगों को संयम और विश्वास बनाये रखना है। मुझे विश्वास है कि हम शीघ्र ही सभी श्रमिकों को सकुशल रेस्क्यू कर लेंगे।





