उत्तराखंडसमाचार

भ्रष्टाचार पर फिर चला मुख्यमंत्री धामी का हंटर , अब इस अधिकारी को किया बर्खास्त !

देहरादून

उत्तराखण्ड में भ्रष्टाचार व कार्य में अनियमितता के विरूद्ध मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी फ़ुल एक्शन मोड में हैं !
राज्य में जीरो टॉलरेंस नीति को अपनाते हुवे उन्होंने तय कर लिया है की भ्रष्टाचार हो या फिर काम में अनियमितता संबंधित कर्मचारी व अधिकारी कोई भी बख्शा नही जाएगा ! राज्य से एक और बड़ी खबर सामने आ रही है !धामी सरकार ने भ्रष्टाचार पर कड़ा रुख अपनाते हुए सूर्यधार बैराज योजना निर्माण कार्य के अवधि के दौरान कार्यरत सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता डी.के. सिंह को सस्पेंड कर दिया गया है। आदेश के अनुसारसूर्यधार बैराज योजना निर्माण कार्य के अवधि के दौरान कार्यरत श्री डी ० के ० सिंह,अधिशासी अभियन्ता, सिचाई खण्ड, देहरादून द्वारा सूर्यधार बैराज योजना निर्माण कार्यों में पाई
गई वित्तीय अनियमितता के दृष्टिगत शासन के पत्र संख्या-1/52673/2022 6-20523 IRRI 1 ESTB/ 8/ 11/ 2022 के द्वारा श्री जीवन चन्द्र जोशी, निदेशक परीक्षण सेंटर फॉर ट्रैनिंग एण्ड
रिसर्च इन फाईनेंशियल एडमिनिस्ट्रेिशन की अध्यक्षता में त्रि- सदस्य समिति का गठन किया गया, जिसके क्रम में जाँच समिति द्वारा अपने पत्रांक -77/ सूर्यधार बैराज/ जांच/ 2022-23
दिनांक 20 सितम्बर, 2022 के द्वारा जांच आख्या उपलब्ध कराई गई है। चूंकि उक्त जाँच
आख्या के आधार पर श्री डी ० के ० सिह, तत्कालीन अधिशासी अभियन्ता, सिचाई खण्ड, देहरादून के विरूद्ध अनुशासनिक कार्यवाही प्रस्तावित (Contemplated) है एवं जिन्हें जांचोपरान्त बृहद् दण्ड
दिया जा सकता है। अतः प्रश्नगत जॉच आख्या में इंगित अनियमिततओं के दृष्टिगत श्री
डी ० के ० सिंह, अधिशासी अभियन्ता को एतद्द्वारा तात्कालिक प्रभाव से निलम्बित किया जाता है।
निलम्बन की अवधि में श्री डी ० के ० सिंह अधिशासी अभियनता को वित्तीय नियम संग्रह
2,
खण्ड -2 भार 2 से 4 के मूल नियम 53 के प्राविधानों के अनुसार जीवन निर्वाह भत्ते की
धनराशि अर्द्धवेतन पर देय अवकाश वेतन की राशि के बराबर देय होगी तथा उन्हें जीवन निर्वाह
के साथ कोई महंगाई भत्ता देय नहीं होगा, जिन्हें निलम्बन से पूर्व प्राप्त वेतन के साथ महंगाई
भत्ता अथवा महंगाई भत्ते का उपातिक समायोजन प्राप्त नहीं था निलम्बन के दिनांक को प्राप्त
वेतन के आधार पर अन्य प्रतिकर भत्ते भी निलम्बन की अवधि में इस शर्त पर देय होंगे, जब
इसका समाधान हो जाय कि उनके द्वारा उस मद में व्यय वास्तव में किया जा रहा है, जिसके
लिए उक्त प्रतिकर भत्ते अनुमन्य है।
उपर्युक्त प्रस्तर -2 में उल्लिखित मदों का भुगतान तभी किया जायेगा जबकि श्री डी ० के ० सिंह इस आशय का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करें कि वह किसी अन्य सेवायोजन, व्यापार, वृत्ति व्यवसाय में नहीं लगे हैं। निलम्बन अवधि में श्री डी ० के ० सिंह, अधिशासी अभियन्ता कार्यालय , से सम्बद्ध रहेंगे।

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