उत्तराखंड :- हिंदुत्व के एजेंडे को मजबूती देने के तीन साल…लिए कई सख्त फैसले


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देहरादून,उत्तराखंड!!
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार के तीन साल भाजपा की हिंदुत्व विचारधारा को धार और मजबूती देने के लिए सख्त कानून बनाने से लेकर अभियान छेड़ने में भी गुजरे हैं। शनिवार को धामी ने फिर संकल्प दोहराया कि देवभूमि में लैंड जिहाद, लव जिहाद, थूक जिहाद पर उनकी सरकार लगातार प्रहार करती रहेगी। इसने हिंदुत्व के एजेंडे को लेकर उनकी प्रतिबद्धता को जाहिर कर दिया।
तीन साल के कार्यकाल में धामी ने हिंदुत्व के एजेंडे पर योजनाबद्ध और सिलसिलेवार ढंग से काम किया। बहला फुसलाकर या जबरन धर्मांतरण रोकने के लिए उन्होंने कानून में 10 साल तक की सजा का प्रावधान कराया। राज्य में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण हटाने की उनकी कार्रवाई को भी इसी रूप में देखा गया। अवैध कब्जे हटाने की मुहिम के लपेटे में सबसे ज्यादा वे मजारें आई हैं, जिन्हें राजस्व व वन भूमि पर बना दिया गया है। सरकार धार्मिक स्थलों के नाम पर ऐसे कब्जों के खिलाफ बेहद सख्त नजर आई। सैकड़ों हेक्टेयर भूमि खाली कराकर उसे सरकार में निहित कर दिया गया। यही अवैध मदरसों के खिलाफ भी धामी सरकार ने सत्यापन अभियान छेड़ा जिनमें अब तक 132 मदरसे सील किए जा चुके हैं। तीर्थनगरी हरिद्वार में शनिवार को एक ही दिन में 13 मदरसे सील कर दिए गए।
धार्मिक मेलों, यात्राओं और तीर्थस्थलों को महत्व
तीन साल के कार्यकाल में सीएम धामी ने धार्मिक मेलों, उत्सवों और तीर्थस्थलों को महत्व दिया। चारधाम यात्रा को महत्व देने के साथ कुमाऊं के प्रसिद्ध मंदिरों के नए सर्किट मानसखंड मंदिर माला मिशन पर काम करना शुरू किया। इसके प्रचार के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तराखंड आए। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर परिसरों को विकसित कर उन्हें भव्य और दिव्य बनाने के साथ सरकार गंगोत्री, यमुनोत्री धाम के विकास पर भी फोकस कर रही है। केंद्र की मदद से केदारनाथ और हेमकुंड साहिब में रोपवे निर्माण कराने के साथ प्रदेश सरकार खुद के प्रयासों से यमुनोत्री में रोपवे बनाने की योजना पर काम कर रही है। चारधाम यात्रा के साथ कांवड यात्रा को भी सरकार महत्व देती है। 12 वर्षों में होने वाली नंदा राज जात यात्रा 2026 में है। मुख्यमंत्री धामी ने इस यात्रा को पारंपरिक रूप से मनाने और इसके लिए सभी तैयारियां करने की बात शनिवार को कही।
हरिद्वार, ऋषिकेश और पूर्णागिरी के लिए तीन नए कॉरिडोर
धार्मिक स्थलों के ढांचागत विकास के लिए धामी सरकार ने हरिद्वार, ऋषिकेश और शारदा तीन नए कॉरिडोर बनाने की योजना तैयार की है। इन तीनों गलियारों के निर्माण के अलावा सरकार धार्मिक आयोजनों पर सरकार का फोकस है। चारों धामों और उस सर्किट से जुड़े सभी मंदिरों तक ज्यादा से ज्यादा तीर्थयात्रियों की पहुंच बनाने की योजना पर सरकार काम कर रही है।
2027 में अर्द्ध कुंभ मेले को भव्य-दिव्य बनाने की तैयारी
2027 में सत्तारूढ़ भाजपा बेशक विधानसभा चुनाव में होगी। लेकिन उससे पहले धामी सरकार उस दौरान होने वाले अर्द्ध कुंभ के आयोजन के लिए अभी से रणनीति बनाने में जुटेगी। 2021 में हुए कुंभ मेला कोरोना की छाया में हुआ था। लेकिन इस बार सरकार ने इसे कुंभ मेले की तर्ज पर भव्य और दिव्य बनाने के संकेत दिए हैं। इसकी तैयारी के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 25 मार्च को सचिवालय में एक बैठक भी बुलाई है।




