

उत्तराखंड बजट सत्र : विपक्ष ने बनाई सदन में सरकार को घेरने की रणनीति, इन मुद्दों को उठाएगी कांग्रेस
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देहरादून,उत्तराखंड!!
कांग्रेस ने बजट सत्र के दौरान सदन में सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है। सत्र की अवधि बढ़ाने के लिए विपक्ष सरकार पर दबाव बनाएगा। इसके अलावा सशक्त भू-कानून, स्मार्ट मीटर, भ्रष्टाचार, आपदा व स्वास्थ्य, शिक्षा के मुद्दों को सदन में उठाएगा।
सोमवार को हाथीबड़कला स्थित शासकीय आवास में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य की अध्यक्षता में कांग्रेस विधानमंडल दल की बैठक हुई। जिसमें कांग्रेस विधायकों ने सदन में उठाए जाने वाले मुद्दों पर चर्चा कर सुझाव दिए। आर्य ने कहा कि सत्र की अवधि कम होने का कांग्रेस की ओर से कड़ा विरोध किया जाएगा।
प्रदेश सरकार जनता की समस्याओं व जनहित के मुद्दों पर गंभीर नहीं है और न ही सदन में बहस करना चाहती है। कांग्रेस की मांग है कि कम से कम 15 दिन का सत्र चले। इसमें किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। इसके लिए सदन से सड़क तक कांग्रेस विरोध करेगी। इसके अलावा भू-कानून, स्मार्ट मीटर, भ्रष्टाचार, आपदा, स्वास्थ्य, शिक्षा के मुद्दों पर सदन में उठाया जाएगा।
उप नेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी ने कहा, देश के अन्य राज्यों में बजट सत्र तीन से चार सप्ताह तक चलता है। लेकिन उत्तराखंड में बजट सत्र के लिए तीन से चार दिन का समय तय किया गया जाता है। सरकार जनता के मुद्दों पर जवाब देने से बच रही है। बैठक में विधायक प्रीतम सिंह, हरीश धामी, ममता राकेश, विक्रम सिंह नेगी, लखपत बुटोला समेत अन्य विधायक मौजूद रहे।
सदन में गैरसैंण का मुद्दा उठने से परेशान है सरकार : हरीश रावत
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि भाजपा सरकार को इस बात का आभास हो गया कि विपक्ष की ओर से सदन में गैरसैंण समेत कई जनहित के मुद्दों को उठाया जाएगा। इससे सरकार परेशान है। गैरसैंण में सत्र कराने में सरकार व उनके मंत्रियों को ठंड लग जाती है। हरीश रावत ने तंज कसते हुए सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, विधानसभा में गैरसैंण शब्द आने की स्थिति में सरकार ने अधिकारियों से कहा है कि विधानसभा में ठंड ज्यादा बढ़ सकती है। इसलिए पूरे परिसर के एसी बंद कर दिए जाएं। बजट प्रस्तुत करते समय वित्त मंत्री भी कंबल ओढ़े हुए हों।




